उत्तर प्रदेश: राजधानी लखनऊ के फैजुल्लागंज इलाके में कथित झोलाछाप डॉक्टर के इलाज के बाद छह वर्षीय बच्ची की मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने क्लीनिक के बाहर हंगामा करते हुए कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, पुराना दाऊदनगर निवासी अनूप विश्वकर्मा मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उनकी छह वर्षीय बेटी सौम्या विश्वकर्मा पिछले कुछ दिनों से बुखार से पीड़ित थी। सोमवार सुबह जब बच्ची का बुखार तेज हुआ तो उसकी मां गुड़िया उसे घर के पास स्थित एक मेडिकल स्टोर पर लेकर पहुंचीं। परिजनों का आरोप है कि मेडिकल स्टोर संचालक खुद को डॉक्टर बताकर मरीजों का इलाज करता था।
बताया जा रहा है कि संचालक ने बच्ची की जांच करने के बाद उसे एक इंजेक्शन लगाया और तीन खुराक दवा दी। इसके बदले उसने 100 रुपये फीस भी ली। घर लौटने के बाद बच्ची को दवा की एक खुराक दी गई, जिसके कुछ समय बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। परिजनों के मुताबिक बच्ची का शरीर नीला पड़ने लगा, शरीर पर चकत्ते उभर आए और उसे पेट में तेज दर्द होने लगा।
घबराए परिजन बच्ची को तत्काल दूसरे अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। बच्ची की मौत के बाद परिजन शव लेकर मेडिकल स्टोर पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। आरोप है कि स्थिति बिगड़ती देख मेडिकल स्टोर संचालक दुकान बंद कर मौके से फरार हो गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपी लंबे समय से मेडिकल स्टोर की आड़ में मरीजों का इलाज कर रहा था और खुद को डॉक्टर बताता था। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
